उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। 13 जनवरी 2025 से शुरू हो रहे इस भव्य आयोजन में करोड़ों श्रद्धालु भाग लेंगे। ऐसे में, भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई महाकुंभ स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। इन ट्रेनों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य तक आसानी से पहुंचाना और सफर को आरामदायक बनाना है। आइए जानते हैं महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों के शेड्यूल और रेलवे की अन्य खास व्यवस्थाओं के बारे में।
महाकुंभ 2025 के लिए भारतीय रेलवे की योजनाएं
महाकुंभ के दौरान यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने अभूतपूर्व तैयारियां की हैं। रेलवे ने इस आयोजन के लिए 13,000 ट्रेनों को संचालित करने का निर्णय लिया है। इनमें 10,000 नियमित ट्रेनें और 3,000 स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों में लगभग 700 लंबी दूरी की ट्रेनें और 1,800 छोटी दूरी की मेला स्पेशल ट्रेनें शामिल होंगी, जो 200-300 किलोमीटर के भीतर यात्राएं करेंगी।
42 pairs of Maha Kumbh Mela Special Train from Eastern Railway.#MahaKumbhMela pic.twitter.com/ik286KWAki
— Eastern Railway (@EasternRailway) December 14, 2024
इन विशेष ट्रेनों के अलावा, रेलवे ने कुंभ मेले से पहले और बाद में अतिरिक्त सेवाएं देने की योजना बनाई है, ताकि यात्री सुविधाजनक तरीके से यात्रा कर सकें।
महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल
भारतीय रेलवे ने विशेष रूप से महाकुंभ के लिए कई रूट्स पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। यहां कुछ प्रमुख ट्रेनों का विवरण दिया गया है:
- सहरसा-टुंडला मेला स्पेशल: यह ट्रेन 18, 22 और 27 जनवरी को सहरसा से चलेगी। वापसी में यह 19, 23 और 28 जनवरी को टुंडला से यात्रियों को लेकर आएगी।
- रक्सौल-टुंडला स्पेशल (05205/05206): यह ट्रेन 18 जनवरी को रक्सौल से और 20 जनवरी को टुंडला से चलेगी।
- धनबाद-टुंडला स्पेशल (03695/03696): यह ट्रेन धनबाद और टुंडला के बीच विशेष सेवाएं देगी।
- मुजफ्फरपुर-झूसी स्पेशल (05267/05268): यह ट्रेन झूसी में यात्रियों को लाने और ले जाने की सुविधा प्रदान करेगी।
- जयनगर-झूसी स्पेशल (05285/05286): जयनगर से झूसी तक यह ट्रेन खास तौर पर श्रद्धालुओं के लिए चलाई जाएगी।
- दरभंगा-झूसी स्पेशल (05295/05296): दरभंगा और झूसी के बीच इस ट्रेन का संचालन होगा।
पूर्व रेलवे की विशेष व्यवस्था
पूर्व रेलवे ने महाकुंभ के लिए 42 जोड़ी ट्रेनों की घोषणा की है, जिनमें कुल 77,500 से अधिक बर्थ की सुविधा प्रदान की जाएगी। इन ट्रेनों के जरिए दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रयागराज तक पहुंचने में सुविधा होगी।
प्रमुख ट्रेनें और उनके रूट्स
- गाड़ी नंबर – 03409 (मालदा टाउन-प्रयागराज रामबाग कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03410 (प्रयागराज रामबाग-मालदा टाउन कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03021 (हावड़ा-टूंडला कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03022 (टूंडला-हावड़ा कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03023 (हावड़ा-टूंडला कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03025 (हावड़ा-टूंडला कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03026 (टूंडला-हावड़ा कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03029 (हावड़ा-टूंडला कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03030 (टूंडला-हावड़ा कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03031 (हावड़ा-भिंड कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03032 (भिंड-हावड़ा कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03033 (हावड़ा-भिंड कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
- गाड़ी नंबर – 03034 (भिंड-हावड़ा कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन)
इन ट्रेनों का शेड्यूल इस तरह तैयार किया गया है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
महाकुंभ 2025 के लिए टेंट सिटी की सुविधा
रेलवे ने न केवल ट्रेनों की व्यवस्था की है, बल्कि महाकुंभ ग्राम टेंट सिटी भी स्थापित की है। यह टेंट सिटी प्रयागराज में श्रद्धालुओं को ठहरने की बेहतर सुविधा प्रदान करेगी। इसमें यात्रियों के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और आरामदायक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों का महत्व
महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन में श्रद्धालुओं की संख्या करोड़ों में होती है। इस दौरान यातायात को सुगम और व्यवस्थित बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से न केवल यात्रियों को उनके गंतव्य तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा, बल्कि भीड़भाड़ और अन्य समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
रेलवे ने इस बार तकनीकी साधनों का भी भरपूर उपयोग किया है। IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए यात्री अपनी बुकिंग और शेड्यूल की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
महाकुंभ 2025 के लिए भारतीय रेलवे की पहल सराहनीय है। महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था ने यात्रा को सुगम, सुलभ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और IRCTC की मदद से अपनी बुकिंग सुनिश्चित करें। महाकुंभ का यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुभव होगा, बल्कि भारतीय रेलवे की कुशलता और समर्पण का भी उदाहरण प्रस्तुत करेगा।